यह शोध Nature Human Behavior में प्रकाशित हुआ और इसका नेतृत्व University of Chicago की PhD छात्रा Jadyn Park ने किया। शोधकर्ताओं ने अधिक प्राकृतिक और विकसित परिदृश्यों में स्मृति की जांच करने के लिए फिल्म क्लिप और कहानियाँ दिखाते हुए पूरे मस्तिष्क की गतिविधि को fMRI से मापा। विभिन्न संस्थानों से मौजूदा fMRI डेटासेट्स को जोड़कर उन्होंने नमूने का आकार बढ़ाया।
भावनात्मक उत्तेजना की तीव्रता तीन तरह मापी गई: सब्जेक्टिव रेटिंग, एक बहुत बड़े भाषा मॉडल से पाठ-आधारित अनुमान, और पुतलियों के फैलने जैसा शारीरिक संकेत। टीम ने मस्तिष्क की गति का विश्लेषण किया और नेटवर्कों के बीच कनेक्शन देखने के लिए ग्राफ सिद्धांत का उपयोग किया।
मुख्य निष्कर्ष यह था कि भावनात्मक उत्तेजना नेटवर्कों के बीच समेकन बढ़ाती है। यह बढ़ा हुआ समेकन यह बताता था कि लोग बाद में उन दृश्यों को कितना अच्छा याद रखेंगे। शोध से भावनात्मक यादों के टिकाऊपन को मापने नए तरीके भी मिले।
कठिन शब्द
- शोध — नया ज्ञान पाने के लिए किया गया अध्ययन
- परिदृश्य — किसी घटना या स्थिति का पूरा दृश्य या परिस्थितिपरिदृश्यों
- तीव्रता — किसी अनुभव या संकेत की शक्ति या परिमाण
- सब्जेक्टिव रेटिंग — लोगों द्वारा अपने अनुभवों की व्यक्तिगत अंकन प्रक्रिया
- पाठ-आधारित — लिखित भाषा के आधार पर किया गया अनुमान
- ग्राफ सिद्धांत — नेटवर्क के कनेक्शन समझने की गणितीय पद्धति
- समेकन — विभिन्न भागों का एक साथ जुड़ना या मिलना
- टिकाऊपन — किसी याद या प्रभाव का लंबे समय तक बने रहना
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- आपको क्यों लगता है कि भावनात्मक दृश्यों की स्मृति अधिक टिकाऊ होती है? अपने विचार लिखिए।
- अगर आप इस शोध के लिए फिल्म क्लिप चुन रहे हों, तो आप किस तरह की क्लिप चुनेंगे और क्यों?
- क्या आपके जीवन में कोई ऐसा दृश्य था जो भावनात्मक होने के कारण लंबे समय तक याद रहा? वह अनुभव बताइए।