शोधकर्ताओं ने लगभग दो दशकों के सैटेलाइट अवलोकन और आधुनिक वायुमंडलीय रीरएनालिसिस डेटा का उपयोग किया। उन्होंने एरोसोल, यानी प्रदूषण के सूक्ष्म कण, जंगल की आग और ज्वालामुखी से निकलने वाले कणों का अध्ययन किया। ये कण बादलों को बदलते हैं और पृथ्वी द्वारा परावर्तित की जाने वाली सूर्य की रोशनी पर असर डालते हैं।
अध्ययन ने पाया कि उत्तर और दक्षिण गोलार्ध में एरोसोल के रुझान अलग थे। उत्तरी हिस्से में औद्योगिक क्षेत्रों की हवा साफ़ होने से कण कम हुए और सतह तक अधिक सौर ऊर्जा पहुँची। दूसरी ओर दक्षिणी गोलार्ध में 2019–2020 की जंगल की आग और 2022 Hunga Tonga–Hunga Ha'apai ज्वालामुखी के बाद प्राकृतिक कण बढ़े और बादल अधिक रोशनी परावर्तित करने लगे।
2003 से 2023 तक प्रति दशक पृथ्वी ने प्रति वर्ग मीटर लगभग आधा वाट अधिक ऊर्जा ग्रहण की। शोध के अनुसार यह वृद्धि मुख्यतः परावर्तित सूर्य की रोशनी में बदलाव से आई है।
कठिन शब्द
- सैटेलाइट — पृथ्वी के आसपास परिक्रमा करने वाला मानव निर्मित यान
- अवलोकन — किसी चीज़ को ध्यान से देखने या नापने की क्रिया
- वायुमंडलीय — हवा और वातावरण से जुड़ा हुआ गुण या अवस्था
- एरोसोल — हवा में तैरने वाले सूक्ष्म ठोस या द्रव कण
- कण — बहुत छोटा ठोस या द्रव हिस्सा जो हवा में होकणों
- गोलार्ध — पृथ्वी का आधा हिस्सा, उत्तर या दक्षिण
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चर्चा के प्रश्न
- क्या आपने कभी जंगल की आग या ज्वालामुखी के बाद हवा में धुंध या धुआँ महसूस किया है? बताइए।
- आपके अनुसार हवा में कणों के घटने से क्या फायदे हो सकते हैं? एक-दो वाक्य में बताइए।
- सैटेलाइट अवलोकन से पर्यावरण के बारे में क्या जानकारी मिल सकती है? संक्षेप में लिखिए।