एक नए शोध के अनुसार, प्राथमिक विद्यालय के जो बच्चे अकेले खेलना पसंद करते हैं, वे पूरी तरह संतुष्ट और खुश हो सकते हैं। यह अध्ययन 'द एलीमेंट्री स्कूल जर्नल' में प्रकाशित हुआ है। इसमें चौथी और पाँचवीं कक्षा के 473 विद्यार्थियों से सवाल पूछे गए थे।
अध्ययन से पता चला कि जो बच्चे सामाजिक जुड़ाव को महत्व देते हैं, वे अकेले रहने पर भी खुश रहते हैं। वे अपने दोस्तों के कुछ निमंत्रण स्वीकार करते हैं और बाकी समय अकेले बिताते हैं। उन्हें यह विश्वास होता है कि उनके दोस्त उन्हें पसंद करते हैं।
इसके विपरीत, जिन बच्चों ने मेलजोल को बिल्कुल जरूरी नहीं माना, उनके दोस्तों ने उन्हें बुलाना बंद कर दिया। इस वजह से वे अकेलापन महसूस करने लगे। शोधकर्ताओं का कहना है कि माता-पिता को बच्चों को समान रुचि वाले छोटे समूहों में खेलने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
कठिन शब्द
- अध्ययन — किसी विषय के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए की गई जांच।
- विद्यार्थी — विद्यालय में पढ़ाई करने वाला छात्र या बच्चा।विद्यार्थियों
- जुड़ाव — दूसरों के साथ मिलकर रहने की भावना और संबंध।
- निमंत्रण — किसी कार्यक्रम या गतिविधि में शामिल होने का बुलावा।
- प्रोत्साहित — किसी काम को करने के लिए मन में उत्साह जगाना।
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- आपके अनुसार बच्चों के जीवन में दोस्तों का होना क्यों महत्वपूर्ण है?
- क्या अकेले खेलना भी बच्चों के लिए अच्छा हो सकता है? अपने विचार बताएं।