शोधकर्ताओं ने पाया है कि पौधे अचानक तनाव पर पत्तियों में मौजूद एंज़ाइमों को बदलकर तुरंत विकास धीमा कर लेते हैं। यह खोज दो-चरणीय प्रतिक्रिया और इसके जीवित रहने वाले लाभ को स्पष्ट करती है।
वॉशिंगटन में पिछला दिसंबर रिकॉर्ड-गरम रहा और सर्दी नरम रही। फरवरी में बागानों में शुरुआती अंकुर दिखे हैं। वॉशिंगटन विश्वविद्यालय के एक जीवविज्ञान प्रोफेसर पौधों के मौसमी जीनों का अध्ययन करते हैं, पर स्पष्ट निष्कर्ष अभी नहीं दिए गए हैं।
शोध में पाया गया कि बेलों की समन्वित वृद्धि, दिशात्मक गति और विशेष कोशिकाओं का निर्माण उन्हें मेज़बान से लिपटने और प्रकाश तक पहुँचने में सक्षम बनाता है। यह शोध New Phytologist में प्रकाशित हुआ।
शोध में पाया गया कि रूट की बाहरी कोशिका परत, एपिडर्मिस, जड़ों के मरोड़ (ट्विस्ट) को नियंत्रित करती है। प्रयोगों और कंप्यूटर मॉडल से दिखा कि एपिडर्मिस जड़ों की दिशा बदल सकती है।
नए शोध में पाया गया है कि मैंग्रोव पेड़ों में छोटी कोशिकाएँ और मोटी कोशिका भित्तियाँ नमक वाले पानी में जीवित रहने में मदद करती हैं। अध्ययन में विभिन्न प्रजातियाँ और उनके रिश्तेदारों का तुलनात्मक विश्लेषण किया गया।
भारी वाहन और सूखा मिट्टी को सघन कर देते हैं और फसलों के लिए बढ़ना मुश्किल बनाते हैं। शोध में दिखाया गया कि जड़ें अपनी बाहरी परत मजबूत कर के सघन मिट्टी में रास्ता बना लेती हैं।