हिंदू कुश-हिमालय में ग्लेशियल झील और बाढ़ का खतराCEFR A2
2 अक्टू॰ 2025
आधारित: Qian Sun, Global Voices • CC BY 3.0
फोटो: Tanveer Mazhar, Unsplash
हिंदू कुश-हिमालय (जिसे थर्ड पोल भी कहा जाता है) के ग्लेशियर तेज़ी से पिघल रहे हैं। वैज्ञानिक अनुमान लगाते हैं कि सदी के अंत तक ग्लेशियर मात्रा में 75 प्रतिशत तक कमी हो सकती है। पिघला पानी नए ग्लेशियल झीलों में जमा होता है और ये झीलें बढ़ती हैं।
1990 के बाद से ग्लेशियल झीलों की संख्या लगभग 53 प्रतिशत बढ़ी है, सतह क्षेत्र 51 प्रतिशत और कुल आयतन 48 प्रतिशत बढ़ा है। ये झीलें सिंधु और ब्रह्मपुत्र जैसी नदियों को पानी देती हैं, लेकिन प्राकृतिक डेम फटने पर GLOF बाढ़ आती है जो घर, खेत और अवसंरचना नष्ट कर सकती है। विशेषज्ञ निगरानी, चेतावनी प्रणाली और रोधात्मक अवसंरचना सुझाते हैं।
कठिन शब्द
- ग्लेशियर — बर्फ का बड़ा टुकड़ा जो धीरे-धीरे पिघलता है।ग्लेशियरों
- पिघलना — बर्फ या बर्फ जैसे पदार्थ का तरल में बदलना।पिघल रहे
- जलवायु — एक क्षेत्र की लंबे समय तक मौसम की स्थिति।
- बाढ़ — जल का अचानक बढ़ना जिससे नुकसान होता है।
- खतरा — कोई चीज़ जो नुकसान पहुंचा सकती है।खतरे
युक्ति: जब आप किसी भी भाषा में कहानी पढ़ें या ऑडियो सुनें, तो लेख में हाइलाइट किए गए शब्दों पर होवर/फ़ोकस/टैप करें और तुरंत छोटी-सी परिभाषा देखें।
चर्चा के प्रश्न
- आपको क्या लगता है, इस समस्या के बारे में क्या किया जाना चाहिए?
- क्या आप ग्लेशियरों के पिघलने से प्रभावित स्थानों के बारे में जानते हैं?
- किस तरह के कदम उठाए जा सकते हैं इससे निपटने के लिए?