विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पुष्टि की कि भारत और पाकिस्तान अब ट्रैकॉमा से मुक्त घोषित किए गए हैं। ट्रैकॉमा एक बैक्टीरियल बीमारी है जिसे Chlamydia trachomatis पैदा करता है और यह आँख, नाक या गले के स्राव के संपर्क से फैलता है। कुछ मक्खियाँ भी इस रोग को फैलाने में भूमिका निभाती हैं, खासकर तब जब वे जानवर के गोबर, मानव मल और खाने के अवशेष पर पनपती हैं।
जो समुदाय पानी और स्वच्छता की सीमित सुविधाओं से प्रभावित होते हैं, उनमें यह बीमारी अधिक पाई जाती है। बार-बार होने वाले संक्रमण तीव्र दर्द और अपरिवर्तनीय अंधापन का कारण बन सकते हैं।
WHO ने कहा कि भारत (1.45 billion आबादी) और पाकिस्तान (लगभग 250 million निवासी) अब क्रमशः 20वाँ और 19वाँ ऐसा देश हैं। Sightsavers की Munazza Gillani ने अभियान की तारीफ की और चेतावनी दी कि ट्रैकॉमा तब तक लौट सकता है जब तक समुदायों और स्वास्थ्य कर्मियों में जागरूकता बनी नहीं रहती।
कठिन शब्द
- ट्रैकॉमा — आँखों का एक संक्रमण जो बैक्टीरिया से होता है
- बैक्टीरियल — बैक्टीरिया से संबंधित या उससे होने वाला
- स्राव — शरीर से बाहर आने वाला तरल पदार्थ
- स्वच्छता — साफ-सफाई और साफ जल की उपलब्धता
- अपरिवर्तनीय — जो बदला न जा सके या ठीक न हो सके
- जागरूकता — किसी समस्या के बारे में सचेत रहना
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चर्चा के प्रश्न
- आपके विचार में साफ पानी और स्वच्छता कैसे ट्रैकॉमा को कम कर सकते हैं?
- यदि कोई देश ट्रैकॉमा से मुक्त घोषित हो गया है, तो वहां जागरूकता क्यों जरूरी रहेगी?
- आपके समुदाय में कौन से साधारण कदम अपनाए जा सकते हैं ताकि मक्खियाँ रोग न फैलाएँ?