अध्ययन में दिखा कि 80 वर्ष से ऊपर के DLBCL वाले कई मरीजों में कम खुराक की कीमोथेरेपी (mini-R-CHOP) से ठीक होने या जीवन बढ़ाने के मौके मिलते हैं। परिणाम ASH बैठक में पॉल बैर ने प्रस्तुत किए।
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