अश्खाबाद में विस्तृत संगमरमर वाले भवन हैं और शहर को ‘‘व्हाइट सिटी’’ कहा जाता है। सरकार ने बड़े पैमाने पर पैसे खर्च किए, पर ग्रामीण इलाकों में पानी और लोग की रोज़मर्रा की ज़रूरतें संकट में हैं।
ETH Zurich की शोध टीम ने पाया कि HIF1 प्रोटीन रज्जु कोशिकाओं में जीन गतिविधि बदलाकर टेंडिनोपैथी ट्रिगर कर सकता है। चूहों और मानव ऊतकों के अध्ययन से यह कारण–प्रभाव सिद्ध हुआ।
एक अध्ययन में चीन के कॉलेज-शिक्षित नौकरी खोजने वालों को तीन महीने तक देखा गया। परिणाम दिखाते हैं कि परिवार की पृष्ठभूमि नौकरी की शुरुआती वेतन आशाओं और उनकी स्थिरता को प्रभावित करती है।
वैज्ञानिकों ने खोजा कि मानव ध्यान एक तेज़ चक्र में चलता है, जिससे कभी-कभी एकाग्रता कम लगती है और पॉप-अप्स ध्यान खींच लेते हैं। यह अध्ययन EEG रिकॉर्डिंग से किया गया और University of Rochester में प्रकाशित हुआ।
शोधकर्ताओं ने बेस-एडिटिंग की सटीकता बढ़ाई है। इससे कुछ सिस्टिक फाइब्रोसिस रोगियों के उपचार बेहतर हो सकते हैं और आनुवंशिक दवाओं की सुरक्षा व प्रभावशीलता सुधर सकती है।
शोधियों ने चूहों के 21 अंगों से मिलकर उम्र बढ़ने के साथ कोशिकीय और आणविक बदलावों का विस्तृत नक्शा तैयार किया। अध्ययन से उम्र‑संबंधी परिवर्तन और लिंग भेद दोनों स्पष्ट हुए हैं।
Duke Health के लेख में चेतावनी है कि बिना पर्चे और पर्चे वाली सामान्य दवाएँ इम्यूनोथेरेपी की प्रभावशीलता बदल सकती हैं। लेखक बेहतर रिकॉर्डिंग और आगे के अध्ययन का सुझाव देते हैं।
एक नए अध्ययन से पता चला है कि लाइव संगीत समारोहों में मिलने वाला साझा जुड़ाव — जिसे कलेक्टिव इफरवेसेंस कहा गया — लोगों के कल्याण पर दीर्घकालिक सकारात्मक असर डाल सकता है। शोध चार अलग‑अलग अध्ययनों पर आधारित है।
नए शोध में पाया गया कि पुराना दर्द महिलाओं में अक्सर लंबा चलता है। कारण हो सकते हैं मोनोसाइट्स नामक प्रतिरक्षा कोशिकाओं में अंतर और पुरुषों में अधिक सक्रिय IL-10 उत्पादन।
दिसंबर 2025–जनवरी 2026 के विरोधों के दौरान ईरान में एक लंबी इंटरनेट बंदी लगी। बाद में सीमित कनेक्टिविटी लौटी पर कई सेवाएँ प्रतिबंधित रहीं और नई व्हाइटलिस्ट सेंसरशिप लागू की गई।
वाशिंगटन स्टेट विश्वविद्यालय के शोध ने एक वैकल्पिक सूजन मार्ग दिखाया जो बता सकता है कि कुछ TNF-इनहिबिटर दवाएँ क्यों काम नहीं करतीं। अध्ययन में TWEAK–Fn14 और TNF के बीच बातचीत पाई गई।
शोधकर्ताओं ने देखा कि प्रोबायोटिक खमीर आंत में कौन से जीन सक्रिय होते हैं। उन्होंने जीन गतिविधि से पता लगाया कि खमीर से थेराप्यूटिक अणु नियंत्रित तरीके से बनवाए जा सकते हैं और यह सुरक्षित भी दिखता है।